इस पोस्ट में, मैंने एक ऐसे चमत्कारी नवग्रह शांति शाबर मंत्र के बारे में लिखा है जो सभी नौ ग्रहों यानी, सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु के अशुभ प्रभावों को काम करता है। यह शाबर नवग्रह शांति मंत्र कुंडली के दोषों और अशुभ अंतरदशा, महादशा के दुष्परिणामों को कम कर सकते हैं।
शाबर नवग्रह शांति मंत्र का जाप करने के लाभ: यह अचूक नवग्रह शांति मंत्र सर्व ग्रह दोष शांत करता है। काल सर्प दोष, मंगल दोष, राहू-केतु दोष, शनि साढ़े साती और नीचे बताए दोषों का असर कम करता है।
पितृ दोष: अगर ग्रहों की स्थिति के कारण पूर्वजों का आशीर्वाद नहीं मिल रहा।
ग्रहण दोष: सूर्य या चन्द्रमा के साथ राहु और केतु की युति होने पर।
चाण्डाल दोष: जब गुरु और राहु एक साथ हों और नकारात्मक फल दे रहे हों।

नवग्रह पीड़ा निवारण शाबर मंत्र का जाप करने का तरीका:
समय: शनिवार या मंगलवार के दिन से इसे शुरू करना सबसे अच्छा माना जाता है। मंत्र जाप सुबह स्नान के बाद या रात को सोने से पहले कर सकते हैं।
आसन: उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। एक घी या तेल का दीपक अपने सामने जलाएं।
मंत्र जाप: इस मंत्र का कम से कम 21 या 108 बार जाप करें। स्पष्ट उच्चारण के साथ मध्यम स्वर में मंत्र जाप करें।
भोग: यदि संभव हो, तो थोड़ा गुड़ या बताशा प्रसाद के रूप में रखें और बाद में उसे खुद ग्रहण करें या पक्षियों को डाल दें।
नवग्रह पीड़ा निवारण शाबर मंत्र हिंदी में:
ॐ नमो आदेश गुरु को।
सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु—नौ ग्रह शांत हो। पीड़ा हरें, कष्ट मिटावें, आनंद मंगल करावें।
जो कोई विघ्न-बाधा आवे, उसे शिव की शक्ति भगावे।
मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।
नवग्रह पीड़ा निवारण शाबर मंत्र इंग्लिश में:
Om Namo Aadesh Guru Ko |
Surya, Chandra, Mangal, Budh, Brihaspati, Shukra, Shani, Rahu, Ketu—Nau Grah Shaant Ho |
Peeda Harein, Kasht Mitavein, Anand Mangal Karavein |
Jo Koi Vighna-Badha Aave, Use Shiv Ki Shakti Bhagave |
Meri Bhakti, Guru Ki Shakti, Phuro Mantra Ishvaro Vacha |
नोट: नवग्रह दोष निवारण शाबर मंत्र का विडिओ आप हमारे यूट्यूब चैनल पर देख सकते हो: एक साथ नवग्रह पीड़ा से मुक्ति देने वाला सटीक शाबर मंत्र।
शाबर नवग्रह शांति मंत्र का जाप करने के लाभ: यह अचूक नवग्रह शांति मंत्र सर्व ग्रह दोष शांत करता है। काल सर्प दोष, मंगल दोष, राहू-केतु दोष, शनि साढ़े साती और नीचे बताए दोषों का असर कम करता है।
पितृ दोष: अगर ग्रहों की स्थिति के कारण पूर्वजों का आशीर्वाद नहीं मिल रहा।
ग्रहण दोष: सूर्य या चन्द्रमा के साथ राहु और केतु की युति होने पर।
चाण्डाल दोष: जब गुरु और राहु एक साथ हों और नकारात्मक फल दे रहे हों।

नवग्रह पीड़ा निवारण शाबर मंत्र का जाप करने का तरीका:
समय: शनिवार या मंगलवार के दिन से इसे शुरू करना सबसे अच्छा माना जाता है। मंत्र जाप सुबह स्नान के बाद या रात को सोने से पहले कर सकते हैं।
आसन: उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। एक घी या तेल का दीपक अपने सामने जलाएं।
मंत्र जाप: इस मंत्र का कम से कम 21 या 108 बार जाप करें। स्पष्ट उच्चारण के साथ मध्यम स्वर में मंत्र जाप करें।
भोग: यदि संभव हो, तो थोड़ा गुड़ या बताशा प्रसाद के रूप में रखें और बाद में उसे खुद ग्रहण करें या पक्षियों को डाल दें।
नवग्रह पीड़ा निवारण शाबर मंत्र हिंदी में:
ॐ नमो आदेश गुरु को।
सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु—नौ ग्रह शांत हो। पीड़ा हरें, कष्ट मिटावें, आनंद मंगल करावें।
जो कोई विघ्न-बाधा आवे, उसे शिव की शक्ति भगावे।
मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।
नवग्रह पीड़ा निवारण शाबर मंत्र इंग्लिश में:
Om Namo Aadesh Guru Ko |
Surya, Chandra, Mangal, Budh, Brihaspati, Shukra, Shani, Rahu, Ketu—Nau Grah Shaant Ho |
Peeda Harein, Kasht Mitavein, Anand Mangal Karavein |
Jo Koi Vighna-Badha Aave, Use Shiv Ki Shakti Bhagave |
Meri Bhakti, Guru Ki Shakti, Phuro Mantra Ishvaro Vacha |
नोट: नवग्रह दोष निवारण शाबर मंत्र का विडिओ आप हमारे यूट्यूब चैनल पर देख सकते हो: एक साथ नवग्रह पीड़ा से मुक्ति देने वाला सटीक शाबर मंत्र।
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