कुंडली में गुरु ग्रह शुभ होने से मनुष्य को जीवन का हर सुख प्राप्त होता है। धन-दौलत, नौकर चाकर, गाड़ी, बंगला की प्राप्ति होती है। गुरु ग्रह ज्ञान का प्रतीक है और गुरु ग्रह कुंडली में शुभ होने से उच्च विद्या और हर प्रकार के ज्ञान की प्राप्ति होती है और जीवन में उच्च पद मिलता है।
अगर लाख प्रयास करने पर भी भाग्य चमकता नहीं है, तब साधक को गुरु ग्रह को अनुकूल करने के इस चमत्कारी मंत्र उपाय का प्रयोग करना फायदेमंद होगा। यह मंत्र उपाय सरल लेकिन अत्यंत सटीक है, और इसकी एक बहुत अच्छी बात यह है की इसे सिर्फ एक बार करना है।
इस मंत्र उपाय का प्रयोग करने की विधि: १] साधक को इस उपाय को किसी भी महीने के गुरुवार के दिन पर करना है। सवेरे स्नान करके साफ-सुधरे वस्त्र धारण करने है और अपने पूजा-घर में दिया और धूप या अगरबत्ती प्रज्वलित करनी है।
२] साधक को केले या संतरे के जड़ का एक छोटा स टुकड़ा अपने घर लाना है और उसे पीले रंग के डोरे में बांध लेना है या पीले कपड़े में लपेटना है और फिर उसे अपने पास रखना है। साधक इस जड़ को अपने जेब में रख सकता है या उसे अपने गले में ताबीज में डाल कर धारण कर सकता है।
३] इसके बाद, साधक को शांत चित्त से बैठ कर चित्र में बताए हुए गुरु ग्रह के मूल मंत्र का एक माला यानी १०८ बार जाप करना है।

इस अचूक मंत्र उपाय से किस्मत का बंद ताला खुल जाता है और उसे सर्व कामों में यश और सफलता मिलती है और उसकी मनोकामनाओं की शीघ्र पूर्ति होती है।
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