इस शीघ्र विवाह हेतु यंत्र को बनाने की और उसको धारण करने की विधि इस प्रकार से है:
१] इस यंत्र को कन्या ने किसी भी शुभ मुहूर्त या तिथि पर सवेरे स्नान करने के बाद स्वच्छवस्त्र परिधान करके सफेद रंग के कागज पर लाल रंग की स्याही के पेन या केसर की स्याही से या भोजपत्र पर अष्टगंध की स्याही से लिखना है। इस जल्द शादी हेतु यंत्र को लिखने की चाल नहीं है और अंकों को किसी भी क्रम में लिखा जा सकता है। और अंकों को किसी भी लिपि में लिखा जा सकता है।

२] यंत्र बनाने के बाद उसे तीन दिनों तक अपने पूजा घर में रखना है और चौथे दिन उसे एक चांदी के ताबीज में डाल कर अपने गले में धारण करना है।
३] सगाई होने के बाद यंत्र को किसी भी स्वच्छ नदी या सरोवर में विसर्जित करना है।
नोट: इस पोस्ट में बताई गई जानकारी हिंदू तंत्र शास्त्र पर आधारित है और अगर आपका इस तंत्र पर विश्वास हो तो ही इस उपाय का प्रयोग करना उचित रहेगा।
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