इस नवग्रह बाधा नाशक मंत्र के कुछ प्रमुख लाभ:
1] सर्व प्रकार के कुंडली के दोषों, जैसे की काल सर्प दोष, राहू-केतु दोष, मंगल दोष, मातृ-पितृ दोष, चांडाल योग, केमद्रुम योग, दारिद्र्य योग और अन्य सर्व दोषों और अशुभ योगों की शांति होती है।
2] शनि साढ़े साती, शनि ढैया और गोचर ग्रहों से होने वाली पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
3] कुंडली में अशुभ और पाप ग्रहों की अंतर्दशा, महादशा में तकलीफ नहीं होती है।
नवग्रह पीड़ा विनाशक उपाय का प्रयोग करने की विधि:
1] इज सर्व ग्रह पीड़ा नाशक उपाय का प्रयोग को गुरुवार से गुरुवार तक करें। यानी की किसी भी गुरुवार को प्रयोग शुरू कर के अगले गुरुवार तक करें।
2] आगे बताए नवग्रह पीड़ा नाशक यंत्र को सोने, चांदी या तांबे पर बनाकर उसकी पंचोपचार पूजा करके आगे इमेज में बताए नवग्रह बाधा नाशक मंत्र को 108 बार बोलें। 

3] नवग्रह पीड़ा नाशक यंत्र की पंचोपचार पूजा यानी की उसके सामने धूप – दिया प्रज्वलित करना है और उसको फूल, गंधम और मीठा भोग अर्पित करना है।
4] फिर, इस नवग्रह दोष निवारण यंत्र को एक धागे या चेन से अपने गले में धारण करें ।
5] अगर धन की कमी के कारण आप इस नवग्रह पीड़ा निवारण यंत्र को सोने, चांदी या तांबे पर बना नहीं सकते हो तो उसको सफेद कागग पर काले स्याही के पेन से लिखें और लेमिनेट कर के अपनी जेब या बटुए में रख सकते हो।
नोट: इस नवग्रह पीड़ा विनाशक यंत्र - मंत्र प्रयोग का विडिओ आप हमारे यूट्यूब चैनल पर देख सकते हो: महाशक्तिशाली सर्व ग्रह बाधा नाशक उपाय
1] सर्व प्रकार के कुंडली के दोषों, जैसे की काल सर्प दोष, राहू-केतु दोष, मंगल दोष, मातृ-पितृ दोष, चांडाल योग, केमद्रुम योग, दारिद्र्य योग और अन्य सर्व दोषों और अशुभ योगों की शांति होती है।
2] शनि साढ़े साती, शनि ढैया और गोचर ग्रहों से होने वाली पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
3] कुंडली में अशुभ और पाप ग्रहों की अंतर्दशा, महादशा में तकलीफ नहीं होती है।
नवग्रह पीड़ा विनाशक उपाय का प्रयोग करने की विधि:
1] इज सर्व ग्रह पीड़ा नाशक उपाय का प्रयोग को गुरुवार से गुरुवार तक करें। यानी की किसी भी गुरुवार को प्रयोग शुरू कर के अगले गुरुवार तक करें।
2] आगे बताए नवग्रह पीड़ा नाशक यंत्र को सोने, चांदी या तांबे पर बनाकर उसकी पंचोपचार पूजा करके आगे इमेज में बताए नवग्रह बाधा नाशक मंत्र को 108 बार बोलें।


3] नवग्रह पीड़ा नाशक यंत्र की पंचोपचार पूजा यानी की उसके सामने धूप – दिया प्रज्वलित करना है और उसको फूल, गंधम और मीठा भोग अर्पित करना है।
4] फिर, इस नवग्रह दोष निवारण यंत्र को एक धागे या चेन से अपने गले में धारण करें ।
5] अगर धन की कमी के कारण आप इस नवग्रह पीड़ा निवारण यंत्र को सोने, चांदी या तांबे पर बना नहीं सकते हो तो उसको सफेद कागग पर काले स्याही के पेन से लिखें और लेमिनेट कर के अपनी जेब या बटुए में रख सकते हो।
नोट: इस नवग्रह पीड़ा विनाशक यंत्र - मंत्र प्रयोग का विडिओ आप हमारे यूट्यूब चैनल पर देख सकते हो: महाशक्तिशाली सर्व ग्रह बाधा नाशक उपाय
Comments