धन-दौलत का आकर्षण करने के अलावा छत्तीसा यंत्र से साधक को मानसिक सुख-शान्ति और समाधान मिलता है और उसके मन और आस-पास से यानी की मकान, दुकान और ऑफिस में से सर्व नकारात्मक ऊर्जा और हानिकारक शक्तियों को भगाया जा सकता है। साधक के दिमाग में से सारा भय, मानसिक दुविधा और नकारात्मकता हट कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है।
छत्तीसा यंत्र को बनाने का तरीका आगे इस पोस्ट में बताया गाया है:
१] छत्तीसा यंत्र को बनाने का सबसे शुभ मुहूर्त दिवाली की रात यानी की लक्ष्मी पुजन की रात होती है, इसके अलावा इस यंत्र को नवरात्रि, होली, मकर संक्रांति, दशहरा, बसंत पंचमी, गणेश चतुर्थी के त्योहार के दिनों पर बनाया जा सकता है या गुरु-पुष्य अमृत योग या अक्षय तृतीया जैसे शुभ योगों पर भी बनाया जा सकता है।
२] छत्तीसा यंत्र को सफेद कागज पर लाल स्याही के पेन से या भोजपत्र पर सिंदूर/ कुमकुम की पेस्ट से एक नुकीले लकड़ी के टुकड़े से बनाया जा सकता है। सिंदूर/ कुमकुम में थोड़े से पानी के बुंद मिलाने से पेस्ट या स्याही बन जाती है।
३]छत्तीसा यंत्र को लिखने की विशेष चाल नहीं है और साधक ने अपने इष्ट देवता का समरण करके यंत्र को लिखना शुरू करना है अगर साधक का कोई इष्ट देवता नहीं है तो उसने भगवान श्री गणेश का स्मरण करके यंत्र को लिखना शुरू करना है। यंत्र के अंकों को हिन्दी, अंग्रेजी या अन्य किसी भी भाषा में लिखा जा सकता है।

४] यंत्र सूखने के बाद उसे लैमिनेट करना है या फोटो फ्रेम में डालना है और और घर, दुकान या ऑफिस के मुख्य द्वार के बाहर की बाजू पर या अंदर मुख्य द्वार की तरफ मुहं करने वाली दीवार पर लगाना है।
५] और इसके बाद, उसके सामने धूप-दिया प्रज्वलित करके मीठे चीज का भोग और ताजे सुघनधित फूल अर्पित करने है।
६] छत्तीसा यंत्र को हमेशा साफ रखें और हर दिन उसके सामने एक अगरबत्ती घुमाकर उसकी पुजा करें।
नोट: इस छत्तीसा यंत्र को बनाने के तरीके को अंग्रेजी में यहाँ पर देखा जा सकता है: Most Powerful and Auspicious Yantra for Wall of House or Shop
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