यह दोनों आजमाए हुए शत-प्रतिशत काम करने वाले मंत्र है, इसलिए साधक इन दो मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र को चुन कर सच्चे मन से उसका जाप कर सकता है।
१] प्राचीन इच्छा पूर्ति और रोग मुक्ति मंत्र का प्रयोग करने की विधि: साधक को एक ग्लास या बर्तन में पीने का पानी लेना है और उसे अपने दाहिने हाथ में लेकर पूर्व दिशा की और मुहं करेके इस मंत्र को ७ बार बोलकर पानी को अभिमंत्रित करके पी लेना है।

मां भयत् सर्वतोरक्ष श्रीयं वर्धय सर्वदा |
शरीररोग्यं में देहि देव देव नमोऽस्तुते ||
Maam Bhayat Sarvatoraksha Shriyam Vardhaya Sarvadaa |
Sharirrogyam Mem Dehi Dev Dev Namostute ||
इस मंत्र का अर्थ: मुझे किसी भी प्रकार का भय न हो; मेरी समृद्धि में वृद्धि हो; मुझे रोग मुक्त शरीर का वरदान दें; में आपको नमन करता हूँ।
२] मन में बसी इच्छाओं को पूरा करने के लिए और रोग मुक्त निरोगी शरीर पाने का शक्तिशाली श्री विष्णु मंत्र:
इस श्री विष्णु मंत्र का जाप करने का तरीका इस प्रकार से है: सूर्योदय के पहले विष्णु भगवान के विराट / विश्व रूप का स्मरण करके इस मंत्र का ११ बार जाप करना है।
||ॐ हूं विष्णवे नम: ||
|| Om Hoom Vishnave Namah ||
नोट: इस मंत्र का हिंदी वीडियो आप हमारे यूट्यूब चैनल पर देख सकते हो: तुरंत मनोकामना पूरी करने का और अच्छी निरोगी सहेत पाने का श्री विष्णु मंत्र
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