इस आर्टिकल में मैंने कामदेव गायत्री मंत्रों का जाप करने के सबसे सरल और आसान विधि के बारे में जानकारी दी है, जिससे कोई भी स्त्री या पुरुष बिना परेशानी से इन कामदेव गायत्री मंत्रों का जाप करके एक मोहक, लुभावना और सुंदर व्यक्ति बन सकता है।
कामदेव गायत्री मंत्र बोलने के प्रचंड लाभ और फायदे:
१] साधक का व्यक्तित्व चुंबिकाय, आकर्षक और लुभावना बन जात है और सब लोग उसे चहाने लगते है और उसके हर सुजाव से सहमत होकर उससे सहकार्य करने लगते है।
२] साधक सर्व स्त्री और पुरुषों को अपने वशीकरण के प्रभाव में लाकर उन्हे किसी भी मकसद, जैसे की प्यार, मोहब्बत, बिजनस के लिए राजी कर सकता है।
३] साधक को बिना मांगे हर काम या कार्य में सर्व लोगों का सहकार्य मिलने लगता है और वह अपने घर-परिवार, समाज और नौकरी-धंधे में एक लोकप्रिय व्यक्ति बन जाता है।
कामदेव गायत्री मंत्र बोलने का सरल और आसान तरीका:
१] इन दो कामदेव भगवान के मंत्रों में से साधक किसी भी एक मंत्र को चुन कर उसे ७, ११, २१ या १०८ बार बोल सकता है। कामदेव गायत्री मंत्र का वाचिक या मानसिक जाप कीया जा सकता है।
२] कामदेव गायत्री मंत्र का जाप किसी भी दिन से शुरू कीया जा सकता है और विशेष पूजा-विधि करने की आवश्यकता नहीं है और कामदेव गायत्री मंत्र से कोई नियम और बंधन जुड़े हुए नहीं है। सिर्फ साधक को मंत्र को शांत चित्त और एकाग्रता से बोलना है।
पहला कामदेव गायत्री मंत्र:
ऊँ कामदेवाय विद्महे, रति-प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात्
Om Kamadevaya Vidmahe, Rati-Priyayai Dhimahi, Tanno Ananga Prachodayat ||
दूसरा कामदेव गायत्री मंत्र:
ऊँ कामदेवाय विद्महे, पुष्प-बाणाय धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात् ||
Om Kamadevaya Vidmahe, Pushpa-Banaya Dhimahi, Tanno Ananga Prachodayat ||
नोट: कामदेव गायत्री मंत्र का विडिओ आप हमारे यूट्यूब चैनल पर भी देख सकते हो: कामदेव जैसा आकर्षक और सुंदर बनने के चमत्कारी कामदेव गायत्री मंत्र
इन दोनों गायत्री मंत्रों में एक-जैसी शक्ति और ऊर्जा निर्माण करने की क्षमता है इसलिए साधक इन दोनों कामदेव मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जाप कर सकता है।
१] इन दो कामदेव भगवान के मंत्रों में से साधक किसी भी एक मंत्र को चुन कर उसे ७, ११, २१ या १०८ बार बोल सकता है। कामदेव गायत्री मंत्र का वाचिक या मानसिक जाप कीया जा सकता है।
२] कामदेव गायत्री मंत्र का जाप किसी भी दिन से शुरू कीया जा सकता है और विशेष पूजा-विधि करने की आवश्यकता नहीं है और कामदेव गायत्री मंत्र से कोई नियम और बंधन जुड़े हुए नहीं है। सिर्फ साधक को मंत्र को शांत चित्त और एकाग्रता से बोलना है।
पहला कामदेव गायत्री मंत्र:
ऊँ कामदेवाय विद्महे, रति-प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात्
Om Kamadevaya Vidmahe, Rati-Priyayai Dhimahi, Tanno Ananga Prachodayat ||
दूसरा कामदेव गायत्री मंत्र:
ऊँ कामदेवाय विद्महे, पुष्प-बाणाय धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात् ||
Om Kamadevaya Vidmahe, Pushpa-Banaya Dhimahi, Tanno Ananga Prachodayat ||
नोट: कामदेव गायत्री मंत्र का विडिओ आप हमारे यूट्यूब चैनल पर भी देख सकते हो: कामदेव जैसा आकर्षक और सुंदर बनने के चमत्कारी कामदेव गायत्री मंत्र
इन दोनों गायत्री मंत्रों में एक-जैसी शक्ति और ऊर्जा निर्माण करने की क्षमता है इसलिए साधक इन दोनों कामदेव मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जाप कर सकता है।
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