इन शत्रु नाशक यंत्र उपायों का प्रयोग करना ज्यादा मुश्किल नहीं है, इसलिके कोई भी शत्रु से पीड़ित व्यक्ति इन उपायों का प्रयोग कर सकता है। लेकिन ध्यान रहें की इनका प्रयोग किसी भी बेकसूर व्यक्ति पर या मामूली झगड़ों के लिए नहीं करना है क्योंकि ऐसा करने के दुष्परिणाम हो सकते है।
इस शत्रु विनाशक यंत्र का प्रयोग करने की विधि: १] इस शत्रु नाशक यंत्र प्रयोग को शनिवार के दिन पर अनुराधा नक्षत्र के काल में करना चाहिए।
२] साधक को चित्र में दिखाए हुए शत्रु को नष्ट करने के यंत्र को एक सफेद रंग के कागज के टुकड़े पर आक / मदार के पेड़ के दूध से एक नुकीले लकड़ी के टुकड़े से लिखना है।

३] साधक को यंत्र बनाने के पहले जिस दुश्मन का वह नाश करना चाहता है उसके बारे में सोचना है और उसके नाम लेना है।
४] शत्रु विनाशक तंत्र के अनुसार अगर साधक इस यंत्र को अपने पास रखेगा तो उसके दुश्मन का विनाश होगा।
शत्रु के घर में झगड़े लगाने का विद्वेषण यंत्र प्रयोग: १] इस विद्वेषण यंत्र प्रयोग को किसी भी दिन किया जा सकता है और साधक को मिट्टी के बर्तन के टुकड़े पर चित्र में बताएं हूर विद्वेषण यंत्र को लाल चंदन / रक्त चंदन की स्याही से एक नुकीले लकड़ी के टुकड़े से लिखना है।

२] और फिर चुपचाप, अत्यंत गुप्त रूप से इस विद्वेषण यंत्र को दुश्मन के घर में रख देना है। विद्वेषण तंत्र के अनुसार ऐसा करने से दुश्मन आपस में लड़ने-झगड़ने लगेंगे और साधक को परेशान करना भूल जायेंगे।
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